स्थिति यह है कि आज न सिर्फ छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका है, बल्कि उत्तरांचल ग्रुप ऑफ़ कॉलेज के चेयरमैन के लिए भी यह दिन किसी इम्तिहान से कम नहीं। यदि तय समय पर परीक्षा नहीं हो पाई, तो परिसर के बाहर हंगामे की पूरी आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि डिग्री कॉलेज के चेयरमैन और प्रबंधन सुबह से ही वैकल्पिक व्यवस्था की जुगत में लगे रहे। चेयरमैन दीपक प्रसाद आदर्श जूनियर हाई स्कूल के लगातार चक्कर काटते दिखे, लेकिन स्कूल संचालक ने स्पष्ट कर दिया कि डिग्री कॉलेज की परीक्षा कराना उनके लिए जोखिम भरा है और इससे स्कूल की मान्यता खतरे में पड़ सकती है।
सूत्रों की मानें तो इसके बाद सत्ता के गलियारों में भी दरवाजे खटखटाए गए, लेकिन नियमों के खिलाफ जाकर साथ देने से प्रभावशाली लोगों ने भी दूरी बना ली। अब सवाल यह है कि जिन छात्रों को समय पर परीक्षा देने आना था, वे आखिर जाएं तो कहां जाएं।
पूरा मामला जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के संज्ञान में है। प्रशासनिक स्तर पर स्कूल और कॉलेज दोनों की भूमिका की जांच की तैयारी चल रही है। नियमों को ताक पर रखकर कराई जा रही परीक्षाओं पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।अब देखना यह है कि शिक्षा व्यवस्था पर किए गए इस कथित काले जादू का अंजाम क्या होता है और छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेता है।
