हरिद्वार – यह खबर शिक्षा व्यवस्था की नहीं, बल्कि अदृश्य ढांचे पर खड़े एक ऐसे कारनामे की है, जिसने नियमों को टोपी पहनाकर मंच से गायब कर दिया। हरिद्वार के ग्रामीण इलाके में संचालित उत्तरांचल ग्रुप ऑफ़ कॉलेज ने ऐसा ‘शैक्षणिक जादू’ दिखाया है, जिसमें कॉलेज मौजूद नहीं लेकिन परीक्षाएं पूरे आत्मविश्वास से चल रही हैं।
सूत्र से बताते है कि स्थानीय नेताओं के संरक्षक में यहां पूरा जादू चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि जिस हाई स्कूल में यह परीक्षाएं चल रही है वह किसी सत्ताधारी की पार्टी के नेता का है और सत्ता में बैठ बड़े नेताओं का इस पर हाथ हैं।
श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध इस संस्थान के छात्र- छात्राएं इन दिनों स्नातक और परास्नातक की परीक्षाएं दे रहे हैं। सवाल यह नहीं कि परीक्षाएं चल रही हैं,सवाल यह है कि परीक्षा देने वाले छात्र बैठ कहां रहे हैं? कॉलेज के पास न अपनी इमारत है, न किराए का कोई वैध परिसर फिर भी परीक्षा केंद्र तैयार हो गया। और वह भी किसी डिग्री कॉलेज में नहीं, बल्कि हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र के आदर्श जूनियर हाई स्कूल में।
नियम कहते हैं कि विश्वविद्यालय की डिग्री परीक्षाएं केवल उन्हीं परिसरों में हो सकती हैं, जो विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त हों। लेकिन यहां नियमों को मंच से हटाकर जादू की छड़ी घुमा दी गई हाई स्कूल को डिग्री कॉलेज में बदल दिया गया, वो भी बिना किसी सार्वजनिक अनुमति या अधिसूचना के।हैरानी यहीं खत्म नहीं होती। बताया जा रहा है कि इस बदलाव की जानकारी न तो परीक्षा नियंत्रक को थी और न ही निरीक्षण के लिए आई टीम को। यानी परीक्षा केंद्र बदला गया, लेकिन सिस्टम को भनक तक नहीं लगी या फिर सब कुछ आंख मूंदकर चलने दिया गया।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवस्था नियमों के बिल्कुल विपरीत है। ऐसा तभी संभव हो सकता है जब हाई स्कूल को विश्वविद्यालय द्वारा औपचारिक रूप से अस्थायी परीक्षा केंद्र घोषित किया गया हो, या वह भवन पहले से किसी मान्यता प्राप्त डिग्री कॉलेज का अधिकृत परिसर हो।लेकिन फिलहाल दोनों ही शर्तें हवा में लटकी दिख रही हैं ठीक उसी तरह, जैसे छात्रों की परीक्षा।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच सवाल गूंज रहा है।अगर डिग्री की परीक्षा ऐसे कराई जा सकती है, तो फिर मान्यता, निरीक्षण और नियम किस काम के? अब विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग के पाले में है। देखना यह है कि क्या इस शिक्षा के जादू पर से पर्दा उठेगा, या फिर यह कारनामा भी बाकी फाइलों की तरह अलमारी में बंद होकर रह जाएगा।
उत्तरांचल ग्रुप ऑफ़ कॉलेज का पूरा काला जादू जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के संज्ञान में डाल दिया है जिस पर जिलाधिकारी ने कहा है कि मामले की जांच कर के कॉलेज ओर स्कूल दोनों दोनों के विरुद्ध उचित कार्यवाही ही जाएगी।
