हरिद्वार – हरिद्वार के रानीपुर क्षेत्र में रईसज़ादों की बदमाशी और बाप की कमाई के दम पर कानून को ठेंगा दिखाने का खेल अब महंगा पड़ने लगा है। दादूपुर–गोविंदपुर में गोदाम के भीतर घुसकर फायरिंग और दहशत फैलाने के सनसनीखेज मामले में रानीपुर पुलिस ने पहली ठोस कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह वही मामला है, जिसमें मंडी आढ़ती और बिल्डर के बेटों पर पैसे और रौब के सहारे तमंचे लहराने के आरोप लगे थे।
पुलिस के मुताबिक 30 दिसंबर की रात गोदाम में हुई फायरिंग की घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। बाप की कमाई पर पल रहे बिगड़ैल युवकों ने मामूली विवाद के बाद हथियारों के दम पर ताकत दिखाने की कोशिश की, लेकिन इस बार पुलिस ने तेजी दिखाते हुए उनका खेल बिगाड़ दिया। घटनास्थल से 315 बोर के दो खोखे बरामद किए गए थे, जिससे साफ हो गया था कि यह सिर्फ धमकी नहीं बल्कि जान लेने की नीयत से की गई वारदात थी।
जांच के दौरान रानीपुर पुलिस ने अभियोग में नामजद 20 वर्षीय अर्श पुत्र अलीम को धर दबोचा। आरोपी ज्वालापुर क्षेत्र का रहने वाला है और उसी गिरोह का हिस्सा बताया जा रहा है, जो महंगी गाड़ियों, हथियारों और बाप के पैसों के दम पर खुद को कानून से ऊपर समझता था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं और बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इलाके में यह चर्चा आम है कि फायरिंग करने वाले युवक पहले भी विवादों में नाम जोड़ चुके हैं, लेकिन इस बार पुलिस की सख्ती ने साफ संकेत दे दिया है कि रईसज़ादों की बदमाशी अब नहीं चलेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून सबके लिए बराबर है और पैसे या रसूख के दम पर अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि बाकी रईसज़ादों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी गई है। दादूपुर–गोविंदपुर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बाप की कमाई पर पल रही बदमाशी आखिर कब तक समाज और कानून को चुनौती देती रहेगी।
