January 27, 2026
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हरिद्वार। नगर निगम हरिद्वार क्षेत्र में अधिकृत स्लॉटरहाउस की व्यवस्था न होने के बावजूद बकरों के वध और मटन की बिक्री के मामले सामने आ रहे हैं। नियमानुसार किसी भी पशु का वध करने से पहले पशु चिकित्सक द्वारा Ante-Mortem मेडिकल जांच अनिवार्य होती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पशु पूरी तरह स्वस्थ है और वध योग्य आयु का है। इसके विपरीत, निगम क्षेत्र में बिक रहे मटन के संबंध में ऐसी किसी जांच या प्रमाण की उपलब्धता नहीं दिखाई देती, जिससे खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।29 05 2025 17 10 2018 17hrp5 c 2 18545683 21355 23950819नगर निगम की इस कथित लापरवाही को नगरवासी सीधे तौर पर स्वास्थ्य से जुड़े खतरे के रूप में देख रहे हैं। हरिद्वार में बड़ी संख्या में लोग नॉनवेज, विशेषकर मटन का सेवन करते हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि जो मटन वे खरीद रहे हैं, वह चिकित्सकीय जांच से गुज़रा है या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मेडिकल परीक्षण के काटा गया मांस संक्रामक बीमारियों का माध्यम बन सकता है, जो आम नागरिकों की जान के लिए भी खतरा साबित हो सकता है।IMG 20260114 WA0096इस पूरे मामले पर नगर निगम आयुक्त नंदन कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब वह स्वयं निरीक्षण पर जाते हैं, तो उन्हें इस तरह की कोई गतिविधि देखने को नहीं मिलती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम की ओर से अवैध गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जाती है और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।IMG 20260114 WA0090 1हालांकि, जमीनी स्तर पर मटन की बिक्री लगातार जारी रहने से निगम की निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जब तक नगर निगम क्षेत्र के लिए वैध स्लॉटरहाउस, पशु चिकित्सकीय जांच और मांस आपूर्ति की स्पष्ट व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक अवैध वध और बिना जांच मटन की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। अब देखना होगा कि नगर निगम इस दिशा में ठोस कदम कब उठाता है और नगरवासियों की सेहत को लेकर क्या ठोस व्यवस्था की जाती है।

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