February 28, 2026
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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 की थीम के अनुरूप मेरा युवा भारत, पिथौरागढ़ ( युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार)द्वारा अविराज इंफोटेक संस्थान में एक प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तर्कसंगत चिंतन तथा नवाचार की चेतना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य रिसोर्स पर्सन इंजीनियर अवनीश गडकोटी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की संरचना, उसके वैज्ञानिक सिद्धांतों तथा शिक्षा, अनुसंधान एवं तकनीकी क्षेत्र में उसके व्यावहारिक उपयोग पर विस्तृत एवं विश्लेषणात्मक प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि AI केवल एक तकनीकी साधन नहीं, बल्कि ज्ञान-विस्तार और समस्या-समाधान की वैज्ञानिक क्षमता को तीव्र करने वाला माध्यम है, जो शिक्षा को अधिक सुलभ, सटीक और परिणाममुखी बना रहा है।

इसके उपरांत मेरा युवा भारत, पिथौरागढ़ के उप निदेशक शैलेश भट्ट ने अपने संबोधन में युवाओं को जिज्ञासा, प्रयोगधर्मिता और तार्किकता को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के प्रत्येक निर्णय में विवेक और प्रमाणिकता का आग्रह करता है। युवा पीढ़ी यदि वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाती है तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक बन सकती है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी युवाओं ने अपने-अपने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत कर अनुसंधान-आधारित सोच, विश्लेषण क्षमता और तकनीकी समझ का परिचय दिया।

इस अवसर पर नन्हीं चौपाल के विप्लव भट्ट ने वैज्ञानिक गतिविधियों के माध्यम से बाल एवं युवा वर्ग में जिज्ञासा विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। एडवोकेट शीतल खर्कवाल गडकोटी ने वैज्ञानिक सोच को सामाजिक न्याय और तार्किक निर्णय-प्रक्रिया से जोड़ते हुए इसे समतामूलक समाज की आधारशिला बताया।अभिलाषा समिति पिथौरागढ़ के निदेशक डॉ. किशोर कुमार पंत ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि विज्ञान का वास्तविक उद्देश्य मानवता की उन्नति है अतः शिक्षा संस्थानों को जिज्ञासा, अनुसंधान और नैतिकता पर आधारित वातावरण निर्मित करना चाहिए।

प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सोसायटी की गीतांजलि बिष्ट ने युवाओं को वैज्ञानिक सोच के साथ प्रबंधन कौशल विकसित करने की प्रेरणा दी, ताकि नवाचार को व्यवहारिक रूप दिया जा सके। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक चेतना के संवर्धन का संकल्प है। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे नवोन्मेषी एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के आयोजन का आश्वासन दिया।



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