जिला पंचायत चम्पावत की द्वितीय बैठक आज जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद के विकास कार्यों को गति देने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के शुभारंभ पर अध्यक्ष आनंद अधिकारी ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “आदर्श चम्पावत” परिकल्पना को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने पारदर्शिता, जनसहभागिता और विकास योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने पर बल दिया। साथ ही जल निगम के अधिशासी अभियंता अशोक स्वरूप द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए अन्य विभागों को भी उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को शासकीय योजनाओं की समुचित जानकारी होना आवश्यक है, ताकि योजनाओं का बेहतर नियोजन और क्रियान्वयन संभव हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-समय पर जनप्रतिनिधियों को योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, जल प्रबंधन समितियों को सक्रिय करने, तथा विकास कार्यों को दीर्घकालिक, मध्यकालिक और लघुकालिक श्रेणियों में विभाजित कर प्राथमिकता के आधार पर लागू करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही जनपद के पारंपरिक जल स्रोतों — घराटों एवं नौलों — को उनके प्राकृतिक स्वरूप में संरक्षित रखने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती ने विभागवार प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन सहित विभिन्न विकास योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को “मेरी योजना पुस्तक” की जानकारी देते हुए इसके माध्यम से योजनाओं की बेहतर समझ और प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग की बात कही। बैठक में अधूरे विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने, स्वीकृत योजनाओं को धरातल पर उतारने तथा जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, समस्त जिला पंचायत सदस्यगण, जिला स्तरीय अधिकारी, विभागीय प्रतिनिधि एवं आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे।
