March 21, 2026
WhatsApp-Image-2026-03-21-at-5.47.54-PM.jpeg

क्षेत्र के प्रसिद्ध मानेश्वर धाम में नवरात्रि की पंचमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। धाम के पीठाधीश्वर धर्मराज पुरी जी महाराज के अनुसार, पंचमी के दिन सुबह 7:30 बजे से 10:00 बजे तक गुप्त नौला आम जन के दर्शन और अभिषेक हेतु खुला रहेगा। यह गुप्त नौला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि पौराणिक मान्यताओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि जब पांडव उत्तराखंड यात्रा पर थे, तब उनका एक पड़ाव मानेश्वर की पहाड़ी पर भी रहा। उस दौरान युधिष्ठिर को मानसरोवर जाकर अपने पिता का श्राद्ध करना था, लेकिन खराब मौसम के चलते वे आगे नहीं बढ़ सके।

तभी अर्जुन ने अपने दिव्य अस्त्र से इस स्थान पर तीर चलाकर मानसरोवर के जल का आवाहन किया, जिससे यहां जलधारा फूट पड़ी। इसी चमत्कार के बाद इस स्थान का नाम “मानेश्वर धाम” पड़ा।
इस “गुप्त नौले” की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भीषण गर्मी में भी इसका जल स्तर कभी कम नहीं होता। चाहे जितना भी जल निकाला जाए, यह सदैव भरा रहता है। मान्यता है कि यहां के जल से अभिषेक करने पर श्रद्धालुओं को मानसरोवर के जल जैसा पुण्य फल प्राप्त होता है। धर्मराज पुरी जी महाराज के सानिध्य में धाम में लगातार धार्मिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। अब यहां चतुर्दशी के दिन भगवान शिव को भोग लगाने की विशेष व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना का और अधिक अवसर मिल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *