March 10, 2026
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सीएमओ ने दिए निर्देश, माह के अंत तक सभी स्वास्थ्य इकाइयों को किया जाए चाक-चौबंद

आगामी 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा 2026 को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा मार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी चिकित्सा इकाइयों को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी.एस. रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यात्रा मार्ग की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ रोहित भंडारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी के नोडल अधिकारी डॉ हरदेव पंवार, डॉ जयवीर बिष्ट, फार्मासिस्ट प्रेम भारती सहित अन्य स्वास्थ्य कार्मिक उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी.एस. रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस माह के अंत तक यात्रा मार्ग पर स्थित सभी चिकित्सा इकाइयों की व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि यात्रा शुरू होते ही श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी दस दिनों के भीतर एक चिकित्सा दल गठित कर यात्रा मार्ग पर स्थित सभी चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान एम्बुलेंस की फिटनेस, ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों तथा जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता की विशेष रूप से जांच की जाएगी। साथ ही जिन चिकित्सा इकाइयों में दवाओं की कमी है, वहां समय रहते जनपद मुख्यालय को मांगपत्र भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यात्रा से पहले सभी आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी में जनरेटर अभी तक स्थापित न होने का मामला भी सामने आया। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसी माह जनरेटर को स्थापित कर उसे सुचारू रूप से संचालित किया जाए, जिससे बिजली बाधित होने की स्थिति में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।

इसके अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक को स्क्रीनिंग केंद्र दोबाटा में स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार करने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी में फार्मासिस्टों की 15-15 दिन की तैनाती का रोस्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि यात्रा के दौरान किसी भी चिकित्सा इकाई में मानव संसाधन की कमी न रहे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी.एस. रावत ने बताया कि 17 अप्रैल से स्क्रीनिंग केंद्र दोबाटा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह संचालित कर दी जाएंगी। इसी दिन से यमुनोत्री पैदल मार्ग पर एफएमआर की तैनाती भी कर दी जाएगी, जिससे पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने जानकारी दी कि यमुनोत्री धाम में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्री-फैब्रिकेटेड भवन के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए कार्यदायी संस्था लघु सिंचाई को 35 लाख रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस भवन के प्रथम तल पर चिकित्सालय संचालित किया जाएगा, जबकि द्वितीय तल पर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के रहने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे धाम क्षेत्र में तैनात चिकित्सा टीम को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु यमुनोत्री और गंगोत्री धाम पहुंचते हैं, ऐसे में यात्रियों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा से पहले सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएं, ताकि यात्रा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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