प्रवेश राय
हरिद्वार। रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के सुभाष नगर में सीवर लाइन, पानी की पाइपलाइन और आवासीय घरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की समस्या पिछले करीब 13-14 वर्षों से बनी हुई है। क्षेत्र की लगभग 25 हजार की आबादी इन समस्याओं से परेशान है। स्थानीय नेता किरण सिंह ने इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अपनी ही पार्टी के विधायक आदेश चौहान के खिलाफ भूख हड़ताल तक कर दी। सवाल यह है कि आखिर वर्षों से परेशान जनता की आवाज विधायक तक क्यों नहीं पहुंची?

13-14 साल से समस्याओं से जूझ रहे लोग, चुनावी वादे कितने हुए पूरे?
स्थानीय नेता किरण सिंह का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की समस्याएं उनके लिए पार्टी से भी पहले हैं। कई वर्षों तक चप्पल घिसने के बाद भी जब समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। किरण सिंह ने दावा किया कि हाईटेंशन लाइन की वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है और बंदरों की मौत की घटनाएं भी लगातार सामने आती हैं। अगर ये समस्याएं वर्षों से बनी हुई हैं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर अब तक इनके स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए? चुनाव के समय विकास के वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी क्या चुनाव जीतने तक ही सीमित रह जाती है?

आशुतोष शर्मा और राजीव शर्मा की पहल पर समाप्त हुई भूख हड़ताल।
किरण सिंह की मांगों को गंभीरता से लेते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा और नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा ने हस्तक्षेप किया। दोनों ने जल्द समाधान का आश्वासन देते हुए जूस पिलाकर किरण सिंह की भूख हड़ताल समाप्त कराई। इसके बाद सोमवार को हरिद्वार दौरे पर आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी किरण सिंह की मुलाकात कराई गई, ताकि सुभाष नगर की तीन बड़ी समस्याओं के समाधान का रास्ता निकल सके। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के समक्ष मामला पहुंचने के बाद लोगों को राहत कब तक मिलती है।

विधायक की अनदेखी से जूझ रहे हजारों परिवार, 25 हजार लोगों की जान दांव पर!
सुभाष नगर के लोग अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर चुके हैं। यहां तक कि अपनी ही पार्टी की नेता किरण सिंह को विधायक के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। स्थानीय लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि आखिर उनकी समस्याओं का समाधान कब होगा?क्षेत्र की जनता के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि विधायक कार्यालय के हालात बदल सकते हैं, तो विधानसभा क्षेत्र के हालात क्यों नहीं? सुभाष नगर ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत रावली महदूद, ब्रह्मपुरी, रोशनाबाद, नवोदय नगर और कनखल समेत रानीपुर विधानसभा के अलग-अलग क्षेत्रों में भी जलभराव, सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।

विधायक निधि पर भी उठ रहे सवाल।
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि करीब 10 साल पहले सुभाष नगर के कई प्रस्ताव पास होने के बावजूद विधायक निधि से संबंधित धनराशि जारी नहीं हुई, जिसके चलते विकास कार्य प्रभावित हुए। हालांकि, इस दावे और इसकी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इस मामले में विधायक का पक्ष सामने आना भी जरूरी है। अगर प्रस्ताव पास हुए थे, तो उन पर काम क्यों नहीं हुआ? यदि धनराशि जारी नहीं हुई, तो इसके पीछे क्या कारण थे? जनता इन सवालों के जवाब चाहती है।

क्षेत्र के विकास की किस्मत में शनि बन बैठे विधायक?
स्थानीय लोगों की नाराजगी के बीच विधायक आदेश चौहान के कथित बयान को लेकर भी चर्चा है। दावा किया जाता है कि उन्होंने कुछ समय पहले लोगों से कहा था कि वोट मत देना, वह उनकी वोट के भरोसे विधायक नहीं हैं। जनता ने जिस प्रतिनिधि को क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी सौंपी, उसी के सामने आज बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हैं। यदि समस्याएं वर्षों से बनी हुई हैं, तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
