हरिद्वार – कुंभ-2027 के निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया। बुधवार को मेला नियंत्रण भवन में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती का घेराव करने पहुंचे यूकेडी कार्यकर्ताओं ने निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की आशंका जताते हुए सवाल उठाए। हैरानी की बात यह रही कि जिस अधिकारी का घेराव कर निर्माण कार्यों पर सवाल खड़े किए गए, उन्हीं अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सरकारी धन के पारदर्शी उपयोग और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।

जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत के नेतृत्व में पहुंचे यूकेडी कार्यकर्ताओं ने निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच, गुणवत्ता की निगरानी और सरकारी धन के सदुपयोग की मांग उठाई। लेकिन सवाल यह है कि जब अनियमितताओं की आशंका है, तो आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य और निष्पक्ष जांच भी जरूरी है। कुंभ-2027 में पारदर्शिता और गुणवत्ता जरूरी है, लेकिन जिस अधिकारी का घेराव कर सवाल उठाए, उसी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग करना-आखिर यह विरोध है या सियासी विरोधाभास?जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह रावत के नेतृत्व में पहुंचे यूकेडी कार्यकर्ताओं ने कुंभ-2027 के निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच, गुणवत्ता की निगरानी और सरकारी धन के सही इस्तेमाल की मांग उठाई।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि पहले निर्माण कार्यों में कथित घोटाले के आरोप लगाकर अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती का घेराव किया और फिर उन्हीं अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पारदर्शिता और कार्रवाई की मांग करने लगे। सवाल यह है कि अगर निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की आशंका है, तो उसकी जांच के लिए ठोस सबूत और तथ्य भी जरूरी हैं। सिर्फ आरोप लगाने से सच्चाई सामने नहीं आती।
