हरिद्वार – धर्मनगरी हरिद्वार के बैरागी कैंप क्षेत्र में शांतिकुंज के शताब्दी समारोह की तैयारियां तेज़ हैं। 20 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित देश-विदेश से संत, साधक और विशिष्ट अतिथि यहां पहुंचने की उम्मीद है। लेकिन इस बड़े वीआईपी आयोजन से पहले हरिद्वार नगर निगम की लापरवाही खुलकर सामने आ गई।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने नगर निगम और सिंचाई विभाग को कई महीने पहले अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर न तो तैयारी दिखी और न ही निर्देशों का पालन। नतीजा यह रहा कि कार्यक्रम से ठीक पहले अव्यवस्थाएं जस की तस बनी रहीं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम सड़क पर उतरे…
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को खुद सड़क पर उतरकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की कमान संभालनी पड़ी। प्रशासनिक अमले के साथ डीएम ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और लंबित कार्रवाई को आगे बढ़ाया।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि डीएम की मौजूदगी के बावजूद नगर निगम आयुक्त नंदन कुमार समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। यह नजारा नगर निगम की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
जब केंद्रीय गृह मंत्री जैसे वीआईपी दौरे से पहले भी नगर निगम सक्रिय नजर नहीं आता, तो आम दिनों में शहर की व्यवस्थाओं का हाल क्या रहता होगा यह सवाल खुद-ब-खुद खड़ा हो जाता है।यह पूरा मामला साफ संकेत देता है कि हरिद्वार नगर निगम में निर्देश तो दिए जाते हैं, लेकिन उन पर अमल कराने की इच्छाशक्ति कहीं गायब नजर आती है। अब देखना होगा कि यह लापरवाही सिर्फ इस मौके तक सीमित रहती है या फिर भविष्य में भी प्रशासन को यूं ही सड़क पर उतरकर व्यवस्था संभालनी पड़ेगी।
