September 15, 2026
के-‘लखपति-दीदी-संकल्प-को-नई-गति-सहसपुर-में.jpeg

मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को नई गति: सहसपुर में 2,500 महिलाओं के लिए सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ

– 223 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 2,500 महिलाओं को मिलेगा लाभ

– महिलाओं द्वारा तैयार उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को प्रदेशव्यापी पहचान दिलाने की दिशा में होगा कार्य: कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी

– अन्य जनपदों में भी स्थापित होंगी ऐसी इकाइयां

देहरादून, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत विकासखंड सहसपुर के शंकरपुर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर उपस्थित रहे। जिला प्रशासन देहरादून की पहल पर पुनर्जीवित इस केंद्र का संचालन ‘आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन’ द्वारा किया जा रहा है। फेडरेशन से 223 स्वयं सहायता समूहों की लगभग 2,500 महिलाएं जुड़ी हैं।

केंद्र में महिलाएं सिलाई, जूट बैग एवं कपड़े की थैलियों के निर्माण का कार्य करेंगी। पर्यावरण के अनुकूल कपड़े और जूट के उत्पाद सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने में भी सहायक होंगे। यह केंद्र महिलाओं को सामूहिक उत्पादन और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उनकी आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।के ‘लखपति दीदी संकल्प को नई गति सहसपुर में

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग के पुराने एवं अनुपयोगी भवन को मुख्य विकास अधिकारी की पहल पर विभिन्न विभागों के समन्वय से पुनर्जीवित किया गया है। जिला उद्योग केंद्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और खादी ग्रामोद्योग सहित संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस से यहां उत्पादन इकाई स्थापित की गई है। इसमें क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं उच्च गुणवत्ता के बैग तैयार कर रही हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा ‘लखपति दीदी’ अभियान को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस सफल पहल को केवल देहरादून तक सीमित न रखते हुए प्रदेश के अन्य जनपदों में भी लागू किया जाएगा। अन्य जिलों के विभागीय अधिकारियों को इस केंद्र का अध्ययन कर इसकी तर्ज पर ऐसी इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रदेश में लगभग सवा पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें से तीन लाख से अधिक महिलाएं अब तक ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जबकि शेष महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की अनेक लखपति दीदियां अब ‘करोड़पति दीदी’ बनने की दिशा में अग्रसर हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि महिला समूहों को तकनीकी ज्ञान, उद्यमिता विकास और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए आईआईएम काशीपुर के साथ समझौता ज्ञापन किया गया है। आईआईएम काशीपुर इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में महिलाओं को तकनीकी सहयोग देगा, जबकि सरकार की ओर से उन्हें आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।1789484014 579 मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी संकल्प को नई गति सहसपुर में

उन्होंने कहा कि भविष्य में केंद्र की गतिविधियों को बैग निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से विद्यालयी बच्चों की यूनिफॉर्म के साथ पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की वर्दियां तैयार करने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इसी मॉडल पर एक अन्य उत्पादन इकाई स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून, अभिनव शाह ने कहा कि सहसपुर स्थित यह सामान्य सुविधा केंद्र कई वर्षों से संचालित नहीं हो रहा था। स्थानीय स्वयं सहायता समूह की क्लस्टर लेवल फेडरेशन को मशीनें उपलब्ध कराकर एक समेकित उत्पादन इकाई विकसित करने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार की परिकल्पना के अनुरूप जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस और जिला योजना के सहयोग से केंद्र को पुनर्जीवित किया। स्थानीय क्लस्टर लेवल फेडरेशन के साथ एम॰ओ॰यू साइन कर इकाई उसे हस्तांतरित की गई है। केंद्र में महिलाओं ने उत्पादों का निर्माण शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन महिलाओं को प्रशिक्षण, उत्पादन, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।

योजना से जुड़ी महिला लाभार्थियों ने कहा कि केंद्र के संचालन से उन्हें अपने क्षेत्र में ही नियमित आजीविका का अवसर मिला है। आधुनिक मशीनों और सामूहिक कार्य व्यवस्था से वे बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर पा रही हैं। महिलाओं ने कहा कि इससे उनके आत्मविश्वास और पारिवारिक आय में वृद्धि होगी तथा उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *