*हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, होटल-रेस्टोरेंट, डेयरी, नमकीन इकाइयों एवं किराना प्रतिष्ठानों पर छापेमारी*
*खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने हरिद्वार–दिल्ली हाईवे स्थित होटल एवं रेस्टोरेंट में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर कई खाद्य उत्पादों के निर्माण एवं बिक्री पर तत्काल रोक लगाई*
*जनपद में चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान कुल 13 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे गए तथा खराब एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों को मौके पर नष्ट कराया गया*
*हरिद्वार । खाद्य सुरक्षा आयुक्त, उत्तराखंड देहरादून विनय शंकर पाण्डेय तथा जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में जनपद हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा लगातार विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), नई दिल्ली द्वारा आयोजित रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन अभियान के अंतर्गत जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने हरिद्वार–दिल्ली हाईवे स्थित एक होटल एवं रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा केवल होटल गतिविधियों के लिए होटल फूड लाइसेंस लिया गया था, जबकि उसी लाइसेंस पर रेस्टोरेंट का भी संचालन किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त फूड लाइसेंस में चाय एवं चाय उत्पाद, मीट एवं मीट प्रोडक्ट्स, इंडियन स्वीट्स, बेकरी प्रोडक्ट्स तथा सीरियल एवं सीरियल प्रोडक्ट्स की श्रेणियां अंकित नहीं थीं, फिर भी इन खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण एवं विक्रय किया जा रहा था।
जांच के दौरान होटल प्रबंधन मौके पर टेस्ट रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड, एक्सटर्मिनल/इंटरनल ऑडिट रिकॉर्ड सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। किचन में शाकाहारी एवं मांसाहारी भोजन तैयार करने के लिए अलग-अलग सेक्शन नहीं बनाए गए थे तथा एक ही बर्तन में वेज और नॉन-वेज खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। इन गंभीर अनियमितताओं के चलते मीट एवं मीट उत्पाद, इंडियन स्वीट्स और बेकरी प्रोडक्ट्स के निर्माण एवं विक्रय पर अगले आदेशों तक तत्काल रोक लगा दी गई।
मौके पर प्रयोगशाला जांच के लिए पनीर-01, हनी-01 तथा कुल्चा-02 के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान किचन में नॉन-वेज डीप फ्रीजर में वेज खाद्य पदार्थ रखे मिले तथा सड़े-गले प्याज, शिमला मिर्च और पनीर का उपयोग खाद्य निर्माण में किया जाना पाया गया। ग्राहकों को दिए जा रहे फूड बिल पर अनिवार्य 14 अंकों का बिल नंबर अंकित नहीं पाया गया, जिस पर विभाग द्वारा इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मौके पर सड़े-गले प्याज, शिमला मिर्च, पनीर तथा नॉन-वेज डीप फ्रीजर में रखे उबले चनों सहित लगभग 5 किलोग्राम खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए।
इसके साथ ही वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन द्वारा लक्सर नगर स्थित डेयरियों, नमकीन निर्माण इकाइयों एवं किराना दुकानों का निरीक्षण किया गया। यहां से खुला पनीर, खुला नमकीन एवं पैक्ड फ्रूटी ड्रिंक के तीन नमूने जांच के लिए लिए गए। निर्माण स्थल पर साफ-सफाई एवं स्वच्छता मानकों का पालन न करने, फूड लाइसेंस का नवीनीकरण न कराने तथा आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत न करने पर एक नमकीन निर्माण इकाई एवं दो किराना दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र भट्ट द्वारा हरिद्वार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण एवं नमूना संग्रह अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुरुषार्थी मार्केट, निर्मला छावनी रोड तथा शिवमूर्ति चौक स्थित मैसर्स अशोक प्रोविजन स्टोर से संदेह के आधार पर धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर के दो नमूने लिए गए। अशोक प्रोविजन स्टोर के स्वामी द्वारा खाद्य अनुज्ञप्ति के स्थान पर केवल खाद्य पंजीकरण के आधार पर व्यवसाय संचालित किए जाने पर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया।
दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए शहरी क्षेत्र की विभिन्न डेयरियों एवं दूध विक्रेताओं का भी निरीक्षण किया गया। अभियान के तहत खुले दूध के तीन नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त मेडिकल चौक स्थित ज्वालापुर की चांद डेयरी से देसी घी का एक नमूना तथा खन्ना नगर स्थित गुर्जर डेयरी एवं न्यू शिव डेयरी से पनीर के दो नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु लिए गए।
इस प्रकार जनपद हरिद्वार में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल 13 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे गए। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने तथा लाइसेंस एवं आवश्यक अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं।
