September 15, 2026
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हरिद्वार। सुमन नगर क्षेत्र में लगातार जलभराव ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है, जिससे लोगों का बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। जलभराव ने सिर्फ जल निकासी व्यवस्था की पोल नहीं खोली, बल्कि अवैध कॉलोनियों के विकास से लेकर बिजली कनेक्शन और विभागीय निगरानी तक कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

जलभराव के बाद डीएम तक पहुंची शिकायत

IMG 20260915 WA0044क्षेत्रवासियों का कहना है कि सुमन नगर में लंबे समय से जल निकासी की समस्या बनी हुई हैहालात बिगड़ने के बाद स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई थीइसके बावजूद जलभराव से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ रही हैसवाल यह है कि बारिश आने से पहले नालियों और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त क्यों नहीं की गई?

HRDA की निगरानी पर सबसे बड़ा सवाल

IMG 20260915 WA0043सुमन नगर में विकसित हो रही कॉलोनियों को लेकर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण यानी HRDA की भूमिका भी सवालों के घेरे में हैस्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में कई कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं, लेकिन उनके नक्शे स्वीकृत होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हैप्राधिकरण की ओर से पूर्व में कुछ कॉलोनियों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई भी की गई थी, फिर भी निर्माण गतिविधियां पूरी तरह रुकती नजर नहीं आईं।

यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि कॉलोनियों के नक्शे स्वीकृत नहीं थे तो जमीन पर निर्माण और प्लॉटिंग का सिलसिला कैसे चलता रहा? विभाग की निगरानी व्यवस्था इतने बड़े स्तर पर हो रहे विकास को समय रहते क्यों नहीं रोक सकी?

बिजली विभाग भी सवालों के घेरे मेंIMG 20260910 WA0030मामला केवल कॉलोनियों की वैधता तक सीमित नहीं हैस्थानीय लोगों का आरोप है कि ऐसी कॉलोनियों में बिजली के ट्रांसफार्मर भी स्थापित कर दिए गए। यदि किसी कॉलोनी के विकास के लिए जरूरी स्वीकृतियां और एनओसी नहीं थीं, तो वहां विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराने की प्रक्रिया किस आधार पर पूरी हुई, यह भी जांच का विषय है

जलभराव के लिए आखिर जिम्मेदार कौन?

IMG 20260910 WA0001सुमन नगर की मौजूदा स्थिति में नगर निकाय, विकास प्राधिकरण, सिंचाई और जल निकासी से जुड़े विभागों के साथ बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैंअनियोजित निर्माण के बीच प्राकृतिक जल निकासी के रास्ते बाधित हुए हैं या नहीं, इसकी जांच जरूरी हैस्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के समय पानी घरों में भरने के बाद विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में काम करें।

IMG 20260910 WA0000अब जरूरत केवल पानी निकालने की नहीं, बल्कि यह तय करने की है कि बिना पर्याप्त प्लानिंग और विभागीय स्वीकृतियों के रिहायशी कॉलोनियां कैसे विकसित हुईं और वहां मूलभूत सुविधाएं किस प्रक्रिया के तहत पहुंचीं। स्थानीय लोग पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार विभागों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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