September 16, 2026
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उत्तराखंड के मीडिया दल ने एनटीपीसी भ्रमण में देखी राष्ट्र के विकास की तस्वीर, कोयले से बिजली और राख से हरियाली

– मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा उत्पादन, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्वों से जुड़ी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया

– अभी एनटीपीसी की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता करीब 91 गीगावाट है, वर्ष 2037 तक 150 गीगावाट और देश की आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 तक 240 गीगावाट तक पहुंचाने की योजना है

– बाल्को के भ्रमण पर पत्रकारों से एल्युमिनियम उत्पादन की प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा तथा पर्यावरणीय प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर हुआ संवाद

– यह प्रेस टूर उत्तराखंड के पत्रकारों को केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है

के मीडिया दल ने एनटीपीसी भ्रमण में देखी राष्ट्रबुधवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून की ओर से आयोजित पांच दिवसीय अध्ययन एवं मीडिया एक्सपोजर टूर के तीसरे दिन मीडिया दल ने एनटीपीसी कोरबा और भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को) पहुंचा। मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा उत्पादन, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्वों से जुड़ी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

एनटीपीसी कोरबा में आयोजित संवाद बैठक में कार्यकारी निदेशक के सी पात्रा ने प्रतिनिधिमंडल के साथ एनटीपीसी की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं साझा कीं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एनटीपीसी की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता करीब 91 गीगावाट है। इसे वर्ष 2037 तक 150 गीगावाट और देश की आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 तक 240 गीगावाट तक पहुंचाने की योजना है। उन्होंने कहा कि बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के अनुरूप उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ तकनीक, सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

एनटीपीसी कोरबा की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 2,600 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 87.71 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर दर्ज किया। यह एनटीपीसी के सभी स्टेशनों में लगातार छठे वर्ष सर्वाधिक PLF रहा। पीएलएफ से पता चलता है कि कोई बिजली संयंत्र अपनी स्थापित क्षमता का कितने प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहा है। इसी अवधि में कोरबा ने 94.85 प्रतिशत घोषित क्षमता और 95.33 प्रतिशत ऑन-बार उपलब्धता भी दर्ज की।

संयंत्र की निरंतर संचालन क्षमता भी उल्लेखनीय रही। एनटीपीसी कोरबा की यूनिट-7 ने 455 दिन लगातार संचालन किया, जबकि यूनिट-1 ने 495 दिन लगातार संचालन का रिकॉर्ड बनाया। कोरबा की स्टेज-1 की तीनों इकाइयां एनटीपीसी की सबसे लंबे समय तक लगातार संचालित इकाइयों में शामिल हैं।1789573589 405 उत्तराखंड के मीडिया दल ने एनटीपीसी भ्रमण में देखी राष्ट्र

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एनटीपीसी की पहल भी मीडिया दल के लिए आकर्षण का केंद्र रही। अधिकारियों ने बताया कि कोयला आधारित बिजली उत्पादन से निकलने वाली राख के उपयोग और पुनर्वास पर विशेष काम किया जा रहा है।

चारपारा ऐश डाइक के पुनर्वासित क्षेत्र में 4.5 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे यह क्षेत्र हरित क्षेत्र में तब्दील हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोरबा ने 60.71 लाख मीट्रिक टन राख का उपयोग किया।

इस दौरान पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंदरियाल ने कहा कि मीडिया एक्सपोजर टूर का उद्देश्य पत्रकारों को योजनाओं और परियोजनाओं की जमीनी हकीकत से सीधे रूबरू कराना है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए ऊर्जा उत्पादन के साथ सुरक्षा और पर्यावरण प्रबंधन की तकनीकों को समझना महत्वपूर्ण है। भ्रमण के दौरान महाप्रबंधक एस बहरा और एच आर हेड शशि शेखर मौजूद रहे I1789573589 277 उत्तराखंड के मीडिया दल ने एनटीपीसी भ्रमण में देखी राष्ट्र

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने बाल्को का भ्रमण किया और एल्युमिनियम उत्पादन की प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा तथा पर्यावरणीय प्रबंधन की व्यवस्थाओं को समझा। अधिकारियों से उत्पादन, तकनीकी नवाचार, श्रमिक सुरक्षा और स्थानीय विकास से जुड़े विषयों पर भी संवाद किया गया।

इससे पहले एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया I संवाद कार्यक्रम में बिरंची दास, निदेशक (मानव संसाधन) ने कंपनी की उपलब्धियां और आगे की योजनायें साझा की, इस अवसर पर रमेश चंद्र महापात्र, निदेशक (तकनीकी–संचालन); तथा नृपेंद्र नाथ, निदेशक (तकनीकी– योजना एवं परियोजना) उपस्थित रहे।


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