महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद देव महाराज के जन्मोत्सव पर गूंजा धर्म, भक्ति और सेवा का संदेश
हरिद्वार, 19 अक्टूबर। दुर्गानवमी के पावन अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी स्थित श्री अवधूत मंडल आश्रम के श्री हीरादास हनुमान मंदिर में सद्गुरुदेव स्वामी सत्यदेव जी महाराज के अवतरण दिवस एवं श्री अवधूत मंडल पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर 1008 डॉ. स्वामी संतोषानंद देव जी महाराज के जन्मोत्सव पर भव्य धर्म सम्मेलन आयोजित किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों, सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या और सेवा कार्यों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्री हनुमान जी की आराधना की। कार्यक्रम में देशभर से आए साधु-संतों एवं भक्तजनों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी संतोषानंद देव महाराज ने अपने आध्यात्मिक संदेश में कहा कि धर्म ही जीवन का आधार है और सेवा ही सच्ची साधना। भगवान श्री हनुमान जी की भक्ति मनुष्य में साहस, समर्पण, आत्मविश्वास और अटूट संकल्प का संचार करती है। सच्ची श्रद्धा और दृढ़ इच्छाशक्ति से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों से जुड़कर सेवा, सदाचार एवं राष्ट्रहित के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता की सेवा, जरूरतमंदों की सहायता और समाज में प्रेम एवं सद्भाव स्थापित करने में निहित है।
स्वामी संतोषानंद देव महाराज ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का पुनीत कार्य है, जिससे किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने तथा सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “हनुमान जी हमारे हैं, हम हनुमान जी के हैं।” भगवान के प्रति सच्ची भक्ति का अर्थ उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करना और निस्वार्थ भाव से मानव सेवा करना है। उन्होंने सभी भक्तों से भक्ति और सेवा के इस महायज्ञ में सहभागी बनने की प्रेरणा दी।
धर्म सम्मेलन के अंतर्गत स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, भगवान श्री हनुमान जी का छप्पन भोग एवं सवामणि, सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक चला। वहीं, सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या एवं धर्म सम्मेलन प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित हुए। दोपहर 12 बजे से साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं के लिए भंडारा हुआ। श्रद्धा, भक्ति और सेवा के समन्वय से संपन्न इस धार्मिक आयोजन ने धर्म के साथ मानव कल्याण का संदेश दिया। कार्यक्रम में साध्वी नेहा आनंद देव, अग्रेश ( मुनीम) पं राजेन्द्र अवस्थी, स्वामी श्याम महाराज , गणेश नाथ महाराज, महंत गोविंद दास, स्वामी आशुतोष महाराज, डॉ अमन गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहें
