हरिद्वार में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सुरक्षित बचपन अभियान के प्रथम चरण की शुरुआत की गई। 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत जनपद के 41 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे करीब 25 हजार छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए।
अभियान का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र दत्त ने रानीपुर स्थित पुलिस मॉडर्न पब्लिक स्कूल से किया। इस दौरान बच्चों को पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव और जरूरतमंद बच्चों को मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में बताया।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 और नालसा की हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई, ताकि किसी भी परेशानी या अपराध की स्थिति में वे समय रहते मदद ले सकें।

इस अभियान में हरिद्वार के साथ-साथ रुड़की और लक्सर क्षेत्र के स्कूलों में भी न्यायिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग, बाल कल्याण समिति, पुलिस और जिला प्रोबेशन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को जागरूक किया। विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, किशोर न्याय अधिनियम और बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों और पराविधिक स्वयंसेवकों ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जरूरी जानकारी देना और किसी भी तरह के शोषण या साइबर अपराध की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीकों से अवगत कराना है। यह अभियान 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

