उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण नियमों में बदलाव करते हुए नई नियमावली-2026 लागू की है। अब दो महीने की बेसिक सैलरी से महंगी चल संपत्ति खरीदने पर कर्मचारियों को एक महीने के भीतर विभाग को सूचना देनी होगी। अचल संपत्ति के लेन-देन के लिए भी नए नियम लागू होंगे।
राज्य में 24 साल बाद बदली गई कर्मचारी नियमावली।
उत्तराखंड में 24 साल बाद कर्मचारी आचरण नियमावली में संशोधन किया गया है। कार्मिक विभाग की अधिसूचना के तहत संपत्ति के लेन-देन और पारिवारिक गतिविधियों से जुड़े नए नियम लागू किए गए हैं।
नई नियमावली के नियम।
नई नियमावली के तहत दो माह की बेसिक सैलरी से महंगी चल संपत्ति खरीदने पर सरकारी कर्मचारियों को एक महीने के भीतर विभाग को सूचना देनी होगी। वहीं, सरकार से व्यावसायिक संबंध रखने वाले व्यक्ति से खरीद पर पहले अनुमति लेनी होगी। जमीन या मकान जैसी अचल संपत्ति खरीदने, पट्टे पर लेने या उपहार में मिलने पर भी सूचना देनी होगी। संबंधित मामलों में पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए संपत्ति का विवरण देने की समयसीमा भी निर्धारित की गई है।
समूह-क, ख और ग के कर्मचारी: प्रथम नियुक्ति के समय और इसके बाद हर वर्ष संपत्ति का विवरण देना होगा।
समूह-घ के कर्मचारी: प्रथम नियुक्ति के समय और इसके बाद प्रत्येक पांच वर्ष में संपत्ति का विवरण नियुक्ति प्राधिकारी को देना होगा।
इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को अपनी संपत्ति संबंधी जानकारी निर्धारित समय पर उपलब्ध करानी होगी।
कर्मचारियों के जिले में नहीं बन सकेंगे बीमा एजेंट
नई नियमावली में बीमा एजेंसी से जुड़ा प्रावधान भी शामिल किया गया है। इसके अनुसार, सरकारी कर्मचारी के जिले में उसकी पत्नी या आश्रित व्यक्ति बीमा एजेंट के रूप में काम नहीं कर सकता। इस प्रावधान का उद्देश्य सरकारी सेवा से जुड़े हितों और संभावित हितों के टकराव को लेकर नियम निर्धारित करना है।
कर्मचारियों को किन बातों का रखना होगा ध्यान?
नई आचरण संशोधन नियमावली-2026 लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों को संपत्ति खरीदने से पहले यह देखना होगा कि संबंधित लेन-देन के लिए केवल सूचना देना पर्याप्त है या पूर्व अनुमति लेना जरूरी है। इसके साथ ही चल संपत्ति की कीमत, अचल संपत्ति के लेन-देन और निर्धारित अवधि में संपत्ति का विवरण देने संबंधी नियमों का पालन करना होगा।
नए प्रावधानों के तहत नियुक्ति प्राधिकारी को समय पर सूचना देना और जहां आवश्यक हो, पहले अनुमति लेना महत्वपूर्ण होगा।
