October 5, 2026
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संवाददाता – प्रवेश राय

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और इनमें होने वाली जनहानि को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। वर्ष 2026 में अगस्त माह तक प्रदेश में 1,480 सड़क दुर्घटनाओं में 884 लोगों की मौत, जबकि 1,626 लोग घायल हुए हैं। समीक्षा में सामने आया कि देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। खास तौर पर ग्रामीण और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में हादसों के कारण जनहानि अधिक होने पर चिंता जताई गई है।

 

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सड़क सुरक्षा की समीक्षा के दौरान प्रत्येक जिले को ‘Zero Fatality District’ बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों पर ANPR कैमरों की संख्या और उपयोग बढ़ाने, खतरनाक सड़कों पर क्रैश बैरियर लगाने, गड्ढों की समयबद्ध मरम्मत, दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण और गोल्डन ऑवर में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सरकार ने साफ किया कि सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए केवल चालान और प्रवर्तन कार्रवाई ही नहीं, बल्कि Engineering, Enforcement, Education और Emergency Care यानी 4E के बेहतर समन्वय के साथ व्यापक अभियान चलाना होगा।

प्रमुख निर्देश।

1. हर जिले को Zero Fatality District बनाने की कार्ययोजना तैयार हो।

2. पीएम राहत योजना का व्यापक प्रचार और प्रभावी क्रियान्वयन हो।

3. सरकारी कर्मचारियों में मोटर वाहन कानूनों का पालन सुनिश्चित हो—No Helmet, No License, No Insurance पर प्रवेश नहीं।

4. स्कूल-कॉलेज व कोचिंग में छात्रों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराया जाए।

5. सभी परिवहन कार्यालयों में Automated Driving Test Track जल्द स्थापित हों।

6. देहरादून-हरिद्वार के चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क में CSR से वाहन सिमुलेटर लगाए जाएं।

7. चारधाम मार्गों पर ANPR कैमरे लगाकर यातायात उल्लंघनों पर कार्रवाई हो।

8. चारधाम मार्गों पर CSR से ट्रॉमा सेंटर व चालक विश्राम गृह की संभावनाएं तलाशें।

9. गड्ढों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समयबद्ध सुधार और जिम्मेदारी तय हो।

10. जिला सड़क सुरक्षा समितियों की मासिक बैठक और कार्रवाई की रिपोर्ट MORTH पोर्टल पर अपलोड हो।

11. हर दुर्घटना का कारण, मृत्यु का कारण और रोकथाम के उपायों का विस्तृत विश्लेषण हो।

12. सड़क सुरक्षा में 4E—Engineering, Enforcement, Education और Emergency Care का समन्वय हो।

13. पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार SOP तैयार हो।

14. सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान हर आयु वर्ग तक पहुंचाया जाए।

15. पर्वतीय मार्गों पर IRC मानकों के क्रैश बैरियर लगाकर समय-सीमा तय की जाए।

16. गोल्डन ऑवर में घायलों तक मेडिकल सहायता पहुंचाने का रिस्पॉन्स टाइम घटाया जाए।

17. आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी नीति बने।

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