रेलवे-फाटक-बना-जाम-का-जंजाल-अंडरपास-की-मांग.jpg

सीतापुर रेलवे फाटक बना जाम का जंजाल, अंडरपास की मांग पर कब जागेंगे जिम्मेदार?

ट्रेनों की आवाजाही से घंटों थमते हैं वाहनों के पहिए, बंद फाटक पार करने की जल्दबाजी दे रही हादसों को न्योता

हरिद्वार। ज्वालापुर के सीतापुर बाईपास रोड स्थित रेलवे फाटक पर लगने वाला जाम आमजन के लिए मुसीबत बन गया है। ट्रेनों की बढ़ती आवाजाही के कारण रेलवे फाटक बार-बार बंद होने से विशेषकर शाम के समय सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। हालात ऐसे बन जाते हैं कि लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नजर नहीं आ रही है।

रेलवे फाटक बंद होते ही सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। जाम में फंसे लोग जल्द निकलने की कोशिश करते हैं। इसी जल्दबाजी में कुछ लोग बंद रेलवे फाटक पार करने का जोखिम उठाते हैं, जो किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। रेलवे ट्रैक पर इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक लोग जाम और दुर्घटनाओं के खतरे के बीच आवागमन करने को मजबूर रहेंगे?रेलवे फाटक बना जाम का जंजाल अंडरपास की मांग

स्थानीय निवासी लंबे समय से सीतापुर रेलवे फाटक पर अंडरपास निर्माण की मांग कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि अंडरपास बनने से रेलवे फाटक पर निर्भरता कम होगी और यातायात को सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

सीतापुर रेलवे फाटक पर जाम की समस्या अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि यातायात सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है। संबंधित रेलवे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या का संज्ञान लेकर अंडरपास निर्माण की व्यवहार्यता का आकलन कराने तथा समाधान की दिशा में ठोस पहल करने की जरूरत है।

सवाल साफ है—क्या जिम्मेदार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, या समय रहते जनता को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए कदम उठाए जाएंगे?


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *