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*अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर एमडीडीए का प्रहार, 13 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त*

*देहराखास में अवैध व्यावसायिक निर्माण सील, डोईवाला के फतेहपुर माजरीग्रांट में प्राधिकरण की कार्रवाई*

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर एक अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील करने के साथ ही करीब 13 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से बिना मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक अनुमति के निर्माण तथा प्लॉटिंग करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निर्माण और प्लॉटिंग पर एमडीडीए का प्रहार 13 बीघा 1793720913 684 अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर एमडीडीए का प्रहार 13 बीघा 1793720913 976 अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर एमडीडीए का प्रहार 13 बीघा

देहराखास में पथरी बाग चौक के निकट मयंक डोभाल की ओर से बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। शिकायत और निरीक्षण के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की। वहीं, डोईवाला क्षेत्र के फतेहपुर माजरीग्रांट में राजेश पंत एवं अन्य द्वारा करीब 13 बीघा भूमि पर बिना अनुमति अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई संबंधित सेक्टरों के सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजर और पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

*नियमों से समझौता नहीं, नियोजित विकास पर जोर*

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक निर्माण निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप हो। बिना मानचित्र स्वीकृति के व्यावसायिक निर्माण करना और कृषि अथवा अन्य भूमि पर बिना अनुमति प्लॉटिंग कर भूखंड बेचना नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करता है। प्राधिकरण ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में पारदर्शी और सुव्यवस्थित विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। एमडीडीए का उद्देश्य केवल अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि भविष्य में शहर के अनियोजित विस्तार को रोकना भी है। आम लोगों को भी जमीन खरीदने से पहले संबंधित भूमि की स्थिति, स्वीकृत लेआउट और प्राधिकरण की अनुमति की जांच अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को कार्रवाई से छूट नहीं मिलेगी। विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा।

*अवैध प्लॉटिंग पर लगातार रहेगी निगरानी*

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों पर नजर रखें और जहां भी बिना स्वीकृति निर्माण अथवा प्लॉटिंग की जानकारी मिले, वहां नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि फतेहपुर माजरीग्रांट में लगभग 13 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। वहीं, देहराखास में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया है। सचिव ने कहा कि प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य आमजन के हितों की रक्षा करना और शहर के सुनियोजित विकास को बनाए रखना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना प्राधिकरण की स्वीकृति वाले भूखंडों में निवेश करने से बचें तथा किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।


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