बचपन-जागरूकता-अभियान-के-तहत-लगभग-60000-विद्यार्थियों-को.jpg

सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान के तहत लगभग 60,000 विद्यार्थियों को किया गया जागरूक

न्यायिक अधिकारियों के नेतृत्व में जनपद के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित हुए जागरूकता शिविर

देहरादून।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली (NALSA) के दिशा-निर्देशों एवं उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा दिनांक 26 से 31 अक्टूबर, 2026 तक जनपद में ‘सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान’ संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों के नेतृत्व में जागरूकता शिविर आयोजित कर लगभग 60,000 विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, POCSO अधिनियम एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।बचपन जागरूकता अभियान के तहत लगभग 60000 विद्यार्थियों को

शिविरों में साइबर विभाग, बाल कल्याण समिति (CWC), विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU), किशोर न्याय बोर्ड (JJB), केस वर्कर्स, शिक्षक, पैनल अधिवक्ता एवं पराविधिक स्वयंसेवकों (PLVs) ने सक्रिय सहभागिता की। विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, शोषण एवं उत्पीड़न से बचाव, इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा किसी भी असुरक्षित परिस्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई।

इस दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता हेतु हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के संबंध में भी जागरूक किया गया। उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण अथवा अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप न रहने तथा अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचित करने के लिए प्रेरित किया गया।

अभियान को प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए विद्यालयों में जागरूकता प्रतियोगिताएं एवं हेल्प डेस्क आयोजित की गईं। साथ ही, बाल संरक्षण संबंधी संदेशों के निरंतर प्रसार हेतु विद्यालयों को पोस्टर, बुकलेट एवं अन्य जागरूकता सामग्री उपलब्ध कराई गई।

इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डूंगराकोटी ने कहा कि “सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित समाज और सशक्त भविष्य की आधारशिला है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो, स्वयं को असुरक्षित परिस्थितियों से बचाने में सक्षम बने तथा आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी भय या संकोच के सहायता प्राप्त कर सके। अभियान के माध्यम से लगभग 60,000 विद्यार्थियों तक पहुंचना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समस्त न्यायिक अधिकारियों, विभागों, विद्यालयों एवं अन्य प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।”

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, विधिक जागरूकता एवं समाज के कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *