September 24, 2026
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उत्तराखंड के युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को मिलेगा विस्तार*

*कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और M3M Foundation के बीच हुआ MoU,*

*देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर और पिथौरागढ़ में शुरू होंगे प्रशिक्षण केंद्र; ईवी, ऑटोमोबाइल, आईओटी और प्लंबिंग जैसे ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण*

*रोजगार क्षमता बढ़ाने के साथ प्लेसमेंट और टिकाऊ आजीविका पर रहेगा फोकस*

*देहरादून । मा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की पहल एवं मार्गदर्शन में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहे हैं। उत्तराखंड के युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने और रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा M3M Foundation के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। मंगलवार को देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की ओर से निदेशक (प्रशिक्षण) संजय कुमार तथा M3M Foundation की ओर से मैनेजिंग ट्रस्टी एवं प्रेसिडेंट डॉ. ऐश्वर्य महाजन ने MoU पर हस्ताक्षर किए।

इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य में उद्योग-केंद्रित और रोजगारपरक कौशल विकास का मजबूत ढांचा तैयार करना है। इसके तहत युवाओं को वर्तमान एवं उभरती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण देने के साथ ही प्रशिक्षण की गुणवत्ता, रोजगार क्षमता, उद्योगों से संपर्क, प्लेसमेंट सहायता और प्रशिक्षण के बाद टिकाऊ आजीविका के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

MoU के प्रारंभिक चरण में देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर और पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन को प्राथमिकता दी गई है। परियोजना की आवश्यकता, स्थानीय परिस्थितियों और संभावित लाभार्थियों की उपलब्धता के आधार पर अल्मोड़ा और बड़कोट को भी अतिरिक्त प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में शामिल किया जा सकता है। प्रत्येक केंद्र पर स्थानीय उद्योगों की मांग और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कम से कम दो पाठ्यक्रम संचालित किए जाने प्रस्तावित हैं।

*आधुनिक तकनीकी ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण*

युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारपरक तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षित करने की योजना है। इनमें जूनियर टेक्नीशियन-इलेक्ट्रिक व्हीकल, जूनियर टेक्नीशियन-ऑटो इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस, जूनियर टेक्नीशियन-ऑटोमोबाइल रिपेयर एंड मेंटेनेंस, जूनियर टेक्नीशियन-इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तथा जूनियर टेक्नीशियन-प्लंबिंग प्रमुख हैं। इन पाठ्यक्रमों का चयन स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं और युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

साझेदारी के माध्यम से युवाओं को बदलती औद्योगिक एवं तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने के साथ उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने तथा प्रशिक्षण के बाद युवाओं के रोजगार परिणामों की प्रभावी निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस अवसर पर M3M Foundation की चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी डॉ. पायल कनोडिया ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं आजीविका के अवसरों से जोड़ना इस साझेदारी का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि M3M Foundation और कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के बीच यह सहयोग राज्य में कौशल विकास को अधिक उद्योग-केंद्रित, रोजगारपरक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण, बेहतर रोजगार अवसर और टिकाऊ आजीविका के मार्ग को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम में उप निदेशक सेवायोजन चंद्रकांता, उप निदेशक (प्रशिक्षण) निरंजन खुगशाल, प्रधानाचार्य श्रेणी-1 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान निरंजनपुर देहरादून दिनकर रौतेला, नोडल अधिकारी UKSDM श्रीमती विनीता बडोनी, M3M प्रतिनिधि अरविंद कुमार शर्मा सहित विभाग एवं प्रशिक्षण संस्थानों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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