October 3, 2026
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उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ कचरे का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्र से मौजूदा यात्रा सीजन में करीब 798 टन कचरा एकत्र किया जा चुका है। इनमें बदरीनाथ में सबसे ज्यादा 393 टन, गंगोत्री में करीब 98 टन और यमुनोत्री क्षेत्र में लगभग 4.85 टन प्लास्टिक कचरा शामिल है।

केदारनाथ में सरकारी आंकड़ों के अलावा पैदल मार्ग की सफाई कर रही एजेंसी ने भी बड़ी मात्रा में कचरा एकत्र किया है। वहीं, अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच केदारनाथ में 50.30 मीट्रिक टन सूखा और गीला कचरा पैदा होने की जानकारी सामने आई है। प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए चारधाम में डिजिटल जमा-वापसी व्यवस्था भी लागू की गई है।

हालांकि, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, यात्रा मार्गों और नदी-नालों के आसपास कचरा प्रबंधन अभी भी चुनौती बना हुआ है। इसी बीच एनजीटी के सामने चारधाम और प्रमुख यात्रा मार्गों की वहन क्षमता, प्लास्टिक और कचरा निस्तारण का मुद्दा भी विचाराधीन है। ऐसे में 798 टन कचरा सिर्फ सफाई व्यवस्था का आंकड़ा नहीं, बल्कि हिमालय पर बढ़ते पर्यावरणीय दबाव का भी संकेत है।

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