हरिद्वार। हरिद्वार का जिला मुख्यालय इस दिवाली बदले हुए अंदाज में नजर आने वाला है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर लंबे समय बाद कलक्ट्रेट भवन की बाहरी दीवारों का रंग-रोगन कराया जा रहा है। करीब तीन दशक पुराने इस भवन को नई रंगत देने की कवायद से पूरे कलक्ट्रेट परिसर का स्वरूप निखरता दिखाई दे रहा है।
डीएम मयूर दीक्षित की पहल से बदलेगा कलक्ट्रेट का रूप
हरिद्वार की प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमुख केंद्र कलक्ट्रेट भवन लंबे समय से रंग-रोगन का इंतजार कर रहा था। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्यभार संभालने के बाद जिले के सरकारी परिसरों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने पर जोर दिया है। इसी क्रम में अब कलक्ट्रेट भवन के कायाकल्प की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।दिवाली से पहले भवन की बाहरी दीवारों पर रंग-रोगन का काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद दूर से ही कलक्ट्रेट भवन का बदला हुआ स्वरूप नजर आएगा।
1997 में हुआ था भवन का उद्घाटन
हरिद्वार कलक्ट्रेट भवन का उद्घाटन 11 फरवरी 1997 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रोमेश भंडारी ने किया था। उस समय हरिद्वार के जिलाधिकारी डॉ. एस.एस. संधू थे। भवन के निर्माण और उद्घाटन के बाद अब करीब तीन दशक के अंतराल में बड़े स्तर पर रंग-रोगन कराया जा रहा है।
प्रशासनिक भवन के साथ शहर की पहचान भी
कलक्ट्रेट केवल सरकारी कामकाज का केंद्र नहीं, बल्कि हरिद्वार की प्रशासनिक पहचान से जुड़ा प्रमुख भवन भी है। ऐसे में लंबे समय बाद इसके बाहरी हिस्से को नया रूप मिलने से परिसर की तस्वीर बदलती दिखाई देगी।
डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर चल रहे इस काम को दिवाली की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। रंग-रोगन पूरा होने के बाद रोशनी और सजावट के बीच कलक्ट्रेट भवन का नजारा और भी आकर्षक होने की उम्मीद है।
