हरिद्वार। अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद उनके नार्को टेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर हरिद्वार पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने उन दावों को भ्रामक बताया है, जिनमें कहा जा रहा है कि उर्मिला सनावर को नार्को टेस्ट से बचाने के लिए गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने साफ किया कि गिरफ्तारी और नार्को टेस्ट को आपस में जोड़कर पेश करना सही नहीं है। अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई की जांच चल रही है। जांच के दौरान यदि संबंधित एजेंसी को नार्को टेस्ट की आवश्यकता महसूस होती है, तो वह न्यायालय से विधिवत अनुमति लेकर आगे की प्रक्रिया अपना सकती है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है, जब उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर उनके नार्को टेस्ट को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर निष्कर्ष निकालने से बचने की अपील की है।
सहारनपुर से गिरफ्तारी के बाद जेल भेजी गई थीं उर्मिला
उर्मिला सनावर को हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया।
भ्रामक खबरें प्रसारित करने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही ।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने चेताया कि सोशल मीडिया या समाचार पोर्टल पर झूठी अथवा भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें।पुलिस के इस बयान के बाद नार्को टेस्ट को लेकर किए जा रहे दावों पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है। अंकिता भंडारी प्रकरण में आगे की जांच और उससे जुड़े निर्णय संबंधित जांच एजेंसी तथा न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार ही होंगे।
