धर्मनगरी हरिद्वार में नदियों में पानी की जगह एक्सपायर दवाइयां और कंपनियों के रैपर मिलने लगे हैं। पेंटागन मॉल के पीछे सूखी रो नदी में दवाइयों का जखीरा मिलने से हड़कंप मच गया है। सवाल है कि आखिर नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को किसका संरक्षण है और जिम्मेदार विभाग अब तक क्या कर रहे थे? शिकायत के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन कंपनी के नुमाइंदे मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। अब देखना होगा कि कार्रवाई होती है या मामला सिर्फ नोटिस और आश्वासन तक सिमटकर रह जाता है।
सिडकुल क्षेत्र में रानीपुर रो के पास खुले में एक्सपायर दवाइयां और फार्मास्यूटिकल कचरा मिलने से प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस कचरे का निस्तारण नियमानुसार होना चाहिए, वह खुले में पड़ा मिला। यानी नियम किताबों में और लापरवाही जमीन पर!
सूचना पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे और संबंधित कंपनी को बुलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। अब सवाल यह है कि पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों पर वास्तव में कार्रवाई होगी या जिम्मेदार विभागों की तरह यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
