ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सुदेश धनखड़ के साथ पहुंचे। परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों और आचार्यों ने शंखनाद, पुष्पवर्षा और वेदमंत्रों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती ने उनका आत्मीय अभिनन्दन किया।

भेंट के दौरान राष्ट्रसेवा, सनातन संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, शिक्षा और युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कारों से जोड़ने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। जगदीप धनखड़ ने परमार्थ निकेतन द्वारा सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत ही देश की पहचान है और आधुनिक ज्ञान के साथ संस्कारों से जुड़ी युवा पीढ़ी ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगी।
