संवाददाता – प्रवेश राय
हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में राजा बिस्किट कंपनी चौक से भाईचारा ढाबा तक अवैध खनन स्टॉक वालों का हाईवे पर कब्जा है। रोशनाबाद स्थित खनन विभाग के कार्यालय से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर जब विभाग शिकंजा नहीं कस पा रहा तो 2360 वर्ग किलोमीटर में फैले पूरे जिले का क्या हाल होगा? इसे यूं समझिए कि जो खनन विभाग के अधिकारी अपने घर को नहीं संभाल पा रहे, उन्हीं के कंधों पर पूरे शहर को संभालने की जिम्मेदारी है।
उजाली रात से उजाले दिन तक अवैध खनन का खेल चल रहा है,लेकिन अधिकारी कुंभकर्ण की नींद में सोए हैं। सवाल पूछो तो जवाब – “ऐसा कुछ नहीं चल रहा।” फोटो-वीडियो दिखाओ तो कहा जाता है।“मीडिया द्वारा मामला प्रकाश में आया है, शीघ्र जांच की जाएगी।” फिर क्या? खानापूर्ति के लिए एक-दो वाहन सीज, मीडिया को खबर, अखबारों की कटिंग और खबरों के लिंक शेयर… और कार्रवाई पूरी! लेकिन जिस वक्त ये खबरें शेयर हो रही होती हैं, उसी वक्त सड़क किनारे बने अवैध स्टॉक से अवैध माल की बिक्री भी चल रही होती है।
आरोप है कि रात में नदियों से अवैध खनन कर माल स्टॉक पर पहुंचाया जाता है और थोड़ा वैध बिल वाला माल मिलाकर बेच दिया जाता है। पूरे साल करोड़ों के राजस्व में सेंधमारी होती है और अवैध खनन माफियाओं की मौज रहती है।
सवाल सिर्फ खनन विभाग पर नहीं हैं। हाईवे किनारे सरकारी जमीन पर कब्जा, बिना बिल का माल और अवैध स्टॉक – क्या यह सब संबंधित विभागों की आंखों के सामने नहीं है?सवाल सीधा है जब सबकुछ आंखों के सामने चल रहा है, तो कार्रवाई के लिए आखिर किसका इंतजार है?
