हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पत्नी और प्रज्ञा फाउंडेशन की संस्थापक प्रज्ञा दीक्षित ने एक बार फिर सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पहल के जरिए महिलाओं के बीच जागरूकता का संदेश पहुंचाया। रावली महदूद ग्राम पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया।
गांव की महिलाओं के बीच पहुंचा जागरूकता अभियान
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और युवतियां मौजूद रहीं। इस दौरान महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन वितरित किए गए और उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने भी खुलकर अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए।
मासिक धर्म को लेकर झिझक तोड़ने की अपील।
प्रज्ञा दीक्षित ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मासिक धर्म किसी संकोच का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा एक बेहद जरूरी पहलू है। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण आज भी कई महिलाएं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करती हैं।
सैनिटरी वेस्ट के सही निस्तारण पर दिया जोर।
उन्होंने महिलाओं को यह भी समझाया कि सैनिटरी नैपकिन का उपयोग जितना जरूरी है, उसका सही तरीके से निस्तारण करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गलत तरीके से फेंका गया सैनिटरी वेस्ट पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
नगर निकाय की व्यवस्था की भी दी जानकारी।
कार्यक्रम के दौरान प्रज्ञा दीक्षित ने बताया कि नगर निकायों की ओर से अब मेडिकल और सैनिटरी वेस्ट के अलग निस्तारण के लिए विशेष कचरा संग्रहण वाहन संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस व्यवस्था का उपयोग करें और अपने आसपास की अन्य महिलाओं व किशोरियों को भी जागरूक बनाएं।
महिलाओं ने सराही पहल।
स्थानीय महिलाओं ने इस जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि गांव स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं, क्योंकि इससे महिलाओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी सही जानकारी मिलती है और समाज में जागरूकता बढ़ती है।
