June 20, 2026
IMG-20260620-WA0033

विभागीय सूचना तंत्र होने के बावजूद VIP ग्रुप में अधिकारियों की मौजूदगी पर उठे सवाल, खबर के बाद दिखने लगा असर

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में चर्चित VIP व्हाट्सएप ग्रुप एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में नेटवर्क भारत न्यूज पोर्टल पर प्रकाशित एक खबर में सवाल उठाया गया था कि जब जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अपने आधिकारिक सूचना समूह मौजूद हैं, तो फिर अधिकारियों की VIP ग्रुप में सक्रिय मौजूदगी की आवश्यकता क्या है। खबर प्रकाशित होने के बाद अब इसका असर भी दिखाई देने लगा है।सूत्रों के अनुसार, खबर सामने आने के बाद कई अधिकारियों ने VIP ग्रुप से दूरी बनानी शुरू कर दी है। चर्चा यह भी है कि कुछ अधिकारियों ने समूह छोड़ दिया है, जबकि अन्य ने अपनी सक्रियता कम कर दी है। सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि ग्रुप संचालक अरुण कश्यप के करीबी माने जाने वाले कुछ लोगों ने भी सबसे पहले समूह से बाहर होने का रास्ता चुना।IMG 20260619 WA0061VIP ग्रुप लंबे समय से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और विभिन्न वर्गों के लोगों को जोड़ने वाले मंच के रूप में चर्चित रहा है। समर्थकों का दावा है कि समूह के माध्यम से कई जनसमस्याएं उठाई गईं और उनका समाधान भी हुआ। वहीं आलोचकों का कहना है कि इस तरह के अनौपचारिक मंचों की भूमिका और जवाबदेही को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

हाल के दिनों में VIP ग्रुप और उसके संचालन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हुई है। इसी बीच अधिकारियों द्वारा ग्रुप छोड़ने की खबरों ने पूरे मामले को नई चर्चा दे दी है। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी की ओर से सार्वजनिक रूप से ग्रुप छोड़ने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।IMG 20260619 WA0056 1खबर के अगले भाग में पढ़िए – VIP ग्रुप की पूरी कहानी, आखिर क्यों चर्चा के केंद्र में हैं अरुण कश्यप और उनका यह चर्चित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *