हरिद्वार – सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच विभिन्न व्हाट्सएप और डिजिटल समूह सूचना आदान-प्रदान का प्रमुख माध्यम बन चुके हैं। ऐसे कई समूहों में जनसमस्याओं को उठाकर प्रशासन तक पहुंचाया जाता है, वहीं कुछ समूह समय-समय पर विवादों और आरोप-प्रत्यारोपों के कारण भी चर्चा में आ जाते हैं। धर्मनगरी हरिद्वार में भी कई ऐसे सोशल मीडिया ग्रुप है जहां सूचनाओं का आदान-प्रदान कम ओर अधिकारियों को ब्लैकमेल ज्यादा किया जाता है।
हरिद्वार में भी ऐसा ही एक ग्रुप पिछले कई सालों से संचालित हो रहा है वैसे तो ग्रुप का नाम VIP रखा गया है लेकिन ग्रुप में जिले के डीएम , एसएसपी लेकर चपरासी तक को जोड़ा हुआ है । इस ग्रुप में कई बार अहम समस्याओं को उठाया जाता है,कई अवसरों पर समूह में उठाए गए मुद्दों पर प्रशासन द्वारा संज्ञान लेकर कार्रवाई भी की गई है। लेकिन VIP ग्रुप के एडमिन अरुण कश्यप जो हाल ही में वन विभाग की एक रेंज में सफारी चालक के साथ मारपीट करने के बाद चर्चा में आए थे जिसके बाद उनके खिलाफ हरिद्वार के थाना श्यामपुर में एक लिखित शिकायत पत्र भी दिया गया था। लेकिन गांव की पंचायत में अरुण कश्यप सहित उसके सभी साथियों ने बैक फुट पर आकर पंचायत के सामने माफीनामा लिखा गया तो मामला शांत हो गया। VIP ग्रुप के एडमिन अरुण कश्यप ने बताया कि ग्रुप में मौजूद पत्रकार VIP ग्रुप के नाम पर ब्लैकमेलिंग करते हैं।VIP ग्रुप को लेकर लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया समूहों की पारदर्शिता, जवाबदेही और उनके उपयोग को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।
फिलहाल VIP ग्रुप को बंद कर देना ही उचित प्रतीत होता है। स्वयं VIP ग्रुप के संस्थापक अरुण कश्यप यह आरोप लगा चुके हैं कि ग्रुप के नाम का इस्तेमाल कर कुछ लोग अधिकारियों को कथित रूप से ब्लैकमेल कर रहे हैं। ऐसे में भविष्य में किसी भी प्रकार के दुरुपयोग या विवाद की संभावना को देखते हुए ग्रुप का संचालन बंद करना एक उचित कदम माना जा सकता है।
ख़बर के अगले भाग में आपको पढ़ने के लिए VIP ग्रुप की कार्यप्रणाणी क्या है, इसमें कौन कौन जुटे है ओर इस ग्रुप के आधार पर अभी तक किस किस को ब्लैकमेल किया जा चुका है।
