हरिद्वार -मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान प्रदेशभर में चर्चा में है। हरिद्वार में भी पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन औषधि विभाग की सक्रियता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में लंबे समय बाद ड्रग विभाग की एक कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है।सिडकुल क्षेत्र के रावली महदूद स्थित एक मेडिकल स्टोर पर हुई कार्रवाई में 101 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए हैं। मामले में दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मेडिकल स्टोर संचालक की तलाश में छापेमारी जारी है।
कार्रवाई कम, सवाल ज्यादा
हरिद्वार में तैनात औषधि विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है। विभागीय अधिकारियों से संपर्क करना आसान नहीं होता कई बार फोन कॉल का जवाब नहीं मिलता और विभागीय जानकारी के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में इस कार्रवाई के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि यदि निरीक्षण और निगरानी नियमित हो तो ऐसे कई मामले सामने आ सकते हैं।
सैकड़ों मेडिकल स्टोरों पर नियमों की अनदेखी के आरोप।
जानकारों का कहना है कि जिले में कई मेडिकल स्टोर ऐसे हैं जहां दवा बिक्री के निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा। कई स्थानों पर फार्मासिस्ट की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद कार्रवाई की रफ्तार अक्सर अपेक्षा से कम दिखाई देती है।रावली महदूद में हुई बरामदगी ने यह संकेत जरूर दिया है कि विभाग चाहे तो अवैध दवा कारोबार पर प्रभावी प्रहार कर सकता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह कार्रवाई एक दिन की सुर्खी बनकर रह जाती है या फिर जिले में चल रहे अवैध दवा कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान का रूप लेती है।
सबसे बड़ा सवाल
101 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हो गए, एक आरोपी भी गिरफ्तार हो गया, लेकिन सवाल यह है कि हरिद्वार में ऐसे कितने मेडिकल स्टोर अभी भी विभागीय निगरानी से दूर हैं और उन तक कार्रवाई की दस्तक कब पहुंचेगी?
