अल्मोड़ा- जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए औषधि निरीक्षक पूजा जोशी ने सोमवार को रानीखेत और मछखाली क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दवा कारोबार से जुड़े नियमों की गहन जांच की गई, जिसमें अनियमितताएं मिलने पर एक मेडिकल स्टोर की दवाओं की खरीद-बिक्री तत्काल प्रभाव से रोक दी गई।औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के प्रावधानों के तहत चलाए गए इस अभियान में अन्य मेडिकल प्रतिष्ठानों की कार्यप्रणाली भी जांची गई। जिन प्रतिष्ठानों में कमियां पाई गईं, उन्हें सात दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजकीय चिकित्सालय के औषधि भंडारण केंद्र का भी हुआ निरीक्षण।
औषधि निरीक्षक पूजा जोशी ने रानीखेत स्थित गोविन्द सिंह मेहरा राजकीय चिकित्सालय के औषधि भंडारण केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन को दवाओं के सुरक्षित भंडारण, निर्धारित तापमान पर संरक्षण, एक्सपायर्ड और निकट एक्सपायरी दवाओं को अलग रखने तथा स्टॉक और अभिलेखों के नियमित रखरखाव के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।विशेष श्रेणी और नारकोटिक दवाओं के रिकॉर्ड को नियमानुसार संधारित करने और दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भी आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा गया।
चार दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे।
निरीक्षण अभियान के दौरान चार औषधि नमूने भी संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें परीक्षण और विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।औषधि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
