हरिद्वार — देहव्यापार के बढ़ते जाल पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक बार फिर सख्त तेवर दिखाए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल की अगुवाई में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने देर रात रुड़की बस अड्डे और रेलवे स्टेशन से सटे होटलों, लॉज और ढाबों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से होटल व्यवसायियों और संदिग्ध तत्वों में हलचल मच गई।
पुलिस टीम ने कमरों की जांच के साथ-साथ होटल संचालकों को सख्त हिदायत दी बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को ठहराने पर सीधी कार्रवाई होगी। पुलिस ने साफ किया कि संदिग्ध ग्राहकों का एंट्री रजिस्टर में पूरा विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा, साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाना स्तर पर देनी होगी।
कार्रवाई केवल छापे तक सीमित नहीं रही। पुलिस अब जिले के सभी होटल, गेस्टहाउस और लॉजों का संपूर्ण डाटा तैयार कर रही है, ताकि भविष्य में किसी भी अनियमितता की स्थिति में कार्रवाई सीधे रिकॉर्ड के आधार पर की जा सके। यह भी तय किया गया है कि नियम तोड़ने वाले संस्थानों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर मुकदमा दर्ज करने तक की कार्यवाही की जाएगी।
इस अभियान से एक ओर जहां होटल संचालकों में सख्ती का संदेश गया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने यह जताया है कि धार्मिक नगरी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर में चर्चा है कि यदि यह सख्त रफ्तार जारी रही तो देहव्यापार का छुपा कारोबार ज्यादा दिन टिक नहीं पाएगा।
इस अभियान में उपनिरीक्षक देवेंद्र कुमार हेड कांस्टेबल राकेश कुमार सुजीत कौर बिना गोदियाल जय राज सिंह सहिया कई कर्मचारी शामिल रहे।
