डीएम मनीष कुमार ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, सीसीटीवी-जैमर से लेकर यातायात व्यवस्था तक की गहन समीक्षा।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा 14 जून को आयोजित होने वाली स्नातक स्तरीय लिखित प्रतियोगी परीक्षा को नकलविहीन, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधिकारियों, केंद्र व्यवस्थापकों तथा संबंधित विभागों को आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण करने तथा केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और जैमर की कार्यक्षमता की जांच कर उन्हें पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर परीक्षा से जुड़ी अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि परीक्षा संबंधी अफवाह फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग को परीक्षा से पहले और बाद में पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। डीएम ने परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छ शौचालय, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, छायादार शेड तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए रैंप जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा ड्यूटी में तैनात सभी कार्मिकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होंगे तथा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को परीक्षा केंद्र परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बैठक में आयोग के प्रतिनिधि अजय पाल ने परीक्षा संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी, एसडीएम चम्पावत बीसी पंत, एसडीएम लोहाघाट नीतू डांगर, पुलिस उपाधीक्षक निहारिका सेमवाल, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंगवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह समेत विभिन्न अधिकारी एवं केंद्र प्रभारी मौजूद रहे।
