दिल्ली में ₹50 हजार के चेक व शॉल ओढ़ाकर हुआ सम्मान, तीन दर्जन से अधिक महिलाओं को दे रही हैं रोजगार।
जनपद की पर्वतीय उत्पादों की ब्रांड एंबेसडर दिया गुरुरानी आज महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। कठिन पहाड़ी परिस्थितियों के बीच उन्होंने न केवल स्वयं को स्वरोजगार से जोड़ा, बल्कि तीन दर्जन से अधिक महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। दिया गुरुरानी द्वारा तैयार किए जाने वाले पपीते के चिप्स, तरबूज की मिठाई, विभिन्न प्रकार के अचार, लाल चावल, झंगोरा, पारंपरिक नमक और अन्य पहाड़ी उत्पादों की मांग देश-विदेश तक पहुंच चुकी है। इन उत्पादों को खरीदने वाली प्रमुख संस्था कारवां लगातार इनके उत्पादों का विपणन कर रही है। संस्था के अनुसार पहाड़ी उत्पादों की मांग इतनी अधिक है कि कई बार आपूर्ति करना भी चुनौती बन जाता है।
गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालु भी इनके उत्पादों के नियमित ग्राहक हैं। ऑनलाइन माध्यम से भी इनके उत्पाद विभिन्न राज्यों तक पहुंच रहे हैं। आज इनके उत्पाद मॉडल जिले चम्पावत की पहचान बन चुके हैं। दिया गुरुरानी की मेहनत और समर्पण को देखते हुए हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक समारोह में कारवां संस्था ने उन्हें ₹50 हजार का चेक और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। संस्था के प्रबंध निदेशक सुनील चतुर्वेदी ने कहा कि दिया गुरुरानी पहाड़ के पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दिलाने का सराहनीय कार्य कर रही हैं।
उनके प्रयासों से अनेक महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने बताया कि दिया के इस मिशन में उनके पुत्र सुनील का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहता है। दिल्ली से सम्मान प्राप्त कर लौटने पर क्षेत्र की महिलाओं शांति, कमला, वैष्णवी, जानकी, रमा, रूपाली समेत अन्य महिलाओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत कर खुशी व्यक्त की।
