परीक्षा सम्पन्न होने के मात्र 20 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम घोषित
15 कार्यदिवस में सभी परीक्षाफल जारी कर स्थापित किया नया रिकॉर्ड
289 आंतरिक एवं बाह्य परीक्षकों ने किया केन्द्रीय मूल्यांकन कार्य
323 परीक्षाफल समयबद्ध रूप से घोषित
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में आयोजित प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं शिक्षार्थी-केंद्रित उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय ने दिसंबर-2025 सत्र की परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने में नया इतिहास रच दिया है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा दिसंबर-2025 सत्र की परीक्षाएं 16 फरवरी 2026 से 11 अप्रैल 2026 तक आयोजित की गईं, जो प्रदेशभर के 76 परीक्षा केंद्रों पर सम्पन्न हुईं।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने 39 परीक्षा दिवसों में सफलतापूर्वक परीक्षाएं सम्पन्न कराईं तथा कुल 323 परीक्षाफलों को रिकॉर्ड समय में घोषित किया। 30 अप्रैल 2026 तक सभी परीक्षाफल घोषित कर दिए गए हैँ । इस प्रकार परीक्षा समाप्त होने के मात्र 20 दिनों के भीतर तथा केवल 15 कार्यदिवस में शत-प्रतिशत परिणाम घोषित करने की ऐतिहासिक उपलब्धि विश्वविद्यालय ने प्राप्त की है।
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर वरिष्ठ शिक्षकों की एक विशेष टीम का गठन किया गया था तथा कुल 289 आंतरिक एवं बाह्य परीक्षकों ने केन्द्रीय मूल्यांकन कार्य को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया। मूल्यांकन हेतु देशभर से कई नामी विश्वविद्यालयों के शिक्षक भी शामिल हुए। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार इतनी कम अवधि में सभी परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं।
कुलपति ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की पारदर्शी, डिजिटल एवं शिक्षार्थी-केंद्रित कार्यप्रणाली का परिणाम है। समयबद्ध मूल्यांकन, डिजिटल समन्वय तथा परीक्षकों की सतत निगरानी के कारण यह संभव हो सका है। इससे हजारों शिक्षार्थियों को प्रवेश, रोजगार तथा अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में समय पर लाभ प्राप्त होगा।
प्रेस वार्ता के दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय के आदर्श अध्ययन केंद्र हल्द्वानी–16000 में संचालित नवाचारपूर्ण गतिविधियों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवप्रवेशित शिक्षार्थियों के लिए आयोजित ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रमों को व्यापक सफलता मिली है। 17 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रथम कार्यक्रम में 175 शिक्षार्थियों ने सहभागिता की, जिनमें 115 ऑफलाइन एवं 60 ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। वहीं 26 अप्रैल 2026 को आयोजित दूसरे कार्यक्रम में लगभग 120 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिनमें 40 ऑफलाइन एवं 80 ऑनलाइन प्रतिभागी सम्मिलित रहे।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय मुख्यालय में संचालित आदर्श अध्ययन केंद्र हल्द्वानी के अतिरिक्त पूरे राज्य के विभिन्न अध्ययन केंद्रों पर भी ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य नवप्रवेशित शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, परीक्षा प्रणाली, पुस्तक वितरण, असाइनमेंट, प्रायोगिक कार्यशालाओं तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से अवगत कराना है।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही प्रभावी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में मॉडल अध्ययन केंद्र हल्द्वानी–16000 में शनिवार एवं रविवार को विशेष ऑफलाइन परामर्श सत्र संचालित किए जा रहे हैं। जुलाई 2025 सत्र से प्रारंभ इन विशेष कक्षाओं में अब तक 1100 से अधिक शिक्षार्थियों ने सहभागिता की है। वर्तमान जनवरी 2026 सत्र में ये परामर्श सत्र 18 अप्रैल 2026 से पुनः प्रारंभ किए गए हैं, जिनमें विषय विशेषज्ञ शिक्षार्थियों को नियमित शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षार्थियों के हित में निःशुल्क पुस्तक वितरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनके अंतर्गत हजारों पुस्तकों का निःशुल्क वितरण किया गया है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षार्थियों को समय पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके।
विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों में 15 नितांत अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में 09 प्रोफेसर, 02 एसोसिएट प्रोफेसर तथा 12 असिस्टेंट प्रोफेसर के स्थायी पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इसके लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है तथा चयन प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाएगी।
कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय को शिक्षार्थियों एवं अभिभावकों दोनों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है तथा भविष्य में भी शिक्षार्थियों के हित में नवाचारपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समयबद्ध परीक्षा प्रणाली, पारदर्शी प्रशासन एवं शिक्षार्थी-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्यरत है और हालिया उपलब्धियां इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
इस अवसर पर प्रो. पी. डी. पंत, प्रो. एम. एम. जोशी. कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार शामिल रहे।
