स्वच्छता अभियान के साथ लोगों ने लिया जल स्रोतों को बचाने का संकल्प, पर्यावरण संरक्षण का दिया मजबूत संदेश।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के महत्वाकांक्षी अभियान ‘धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा’ को जनसमर्थन मिलने लगा है। इसी क्रम में बुधवार को विकासखंड लोहाघाट स्थित ऐतिहासिक अक्कल धारा में व्यापक स्वच्छता एवं जन जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम 1 से 15 जून तक चल रहे जल उत्सव सप्ताह के अंतर्गत संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान अक्कल धारा और उसके आसपास के क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाकर पारंपरिक जल स्रोतों को स्वच्छ और संरक्षित रखने का संकल्प लिया गया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और राहगीरों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। जागरूकता गोष्ठी के माध्यम से लोगों को शुद्ध पेयजल के महत्व, पारंपरिक जल स्रोतों की उपयोगिता और उनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि नौले, धाराएं और प्राकृतिक जल स्रोत केवल पेयजल का साधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक धरोहर भी हैं।
यदि इन्हें आज नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्रम में प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने, कूड़ेदानों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने का भी आह्वान किया गया। अभियान को सफल बनाने में SARRA टीम, विकासखंड लोहाघाट के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनभागीदारी का सशक्त संदेश समाज तक पहुंचाया गया।
