पहले जंगल में नियमों को दिखाया ठेंगा, अब माफी का राग; ‘काला भूत’ बन घूमने वालों की अकड़ हुई ढीली।
हरिद्वार – राजाजी टाइगर रिजर्व में कथित भ्रमकारों की करतूत सामने आने और मामला तूल पकड़ने के बाद अब सुर पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। जो लोग पहले जंगल के नियमों को चुनौती देते हुए बेखौफ अंदाज में घूम रहे थे, अब वही माफी मांगते दिखाई दे रहे हैं। चर्चा है कि विवाद बढ़ने और शिकायतें सामने आने के बाद कथित भ्रमकारों को अपनी गलती का एहसास हुआ और माहौल कुछ ऐसा बन गया मानो गाने की लाइन सच हो गई हो – “राणा जी माफ करना, गलती म्हारे से हो गई…।
आरोप है कि बिना आवश्यक अनुमति संरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश कर जन्मदिन की पार्टी, हुड़दंग और नियमों की अनदेखी की गई। मामला सार्वजनिक होने के बाद वन महकमे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे कि आखिर प्रतिबंधित क्षेत्र में इतनी गतिविधियां होती रहीं और जिम्मेदार तंत्र को भनक तक कैसे नहीं लगी।अब जब मामला चर्चा में है तो कथित भ्रमकारों की ओर से सफाई और माफी का दौर शुरू हो गया है। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल माफी मांग लेने से जंगल के नियमों के उल्लंघन का मामला खत्म हो जाएगा, या फिर वन विभाग भी कार्रवाई कर यह संदेश देगा कि जंगल में कानून सबके लिए बराबर है।
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में सख्ती नहीं हुई तो भविष्य में भी कुछ लोग प्रभाव और पहचान के दम पर नियमों को मजाक समझते रहेंगे। फिलहाल निगाहें वन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
